गुरुवार, 5 अप्रैल 2012

पंचवर्षीय योजना के दौरान पर्यटन क्षेत्र में 2.5 करोड़ रोजगार का सृजन होगा: केन्द्रीय पर्यटन मंत्री


राष्ट्रीय आतिथ्य शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए 



केन्द्रीय पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय, वर्ष 2010-11 के लिए राष्ट्रीय आतिथ्य शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान करते हुए साथ में
 पर्यटन राज्‍य मंत्री सुल्‍तान अहमद, पर्यटन मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी भी दिखाई दे रहे हैं- पसूका फोटो

नई दिल्‍ली (पसूका): नई दिल्‍ली (पसूका): केन्द्रीय पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय ने आज यहां वर्ष 2010-11 के लिए राष्ट्रीय आतिथ्य शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि अंतर्गामी और घरेलू पर्यटकों में 12 प्रतिशत विकास लक्ष्य के साथ पर्यटन मंत्रालय ने बारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान पर्यटन क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार से लगभग 2.5 करोड़ अतिरिक्त रोजगार के सृजन का आकलन किया है। उन्होंने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष रोजगार की संख्या भी काफी होगी। उन्होंने आगे कहा कि आतिथ्य व्यापार से संबंधित रोजागार की संख्या ही लगभग 36 लाख होगी। मंत्री महोदय ने जानकारी दी कि आतिथ्य उद्योग को हर वर्ष लगभग दो लाख प्रशिक्षित लोगों की ज़रुरत है लेकिन आपूर्ति केवल 18000 लोगो की ही है। जिसमें 30 से 35 प्रतिशत की और कमी होकर यह मात्र 12000 लोगों तक ही सिमट जाती है। सहाय ने कहा कि “ हमारे आकलन के अनुसार ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक सांस्थानिक अवसंरचना और विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और विद्यालयों के द्वारा आतिथ्य शिक्षा के दायरे को बढ़ाने के हमारे प्रयासों से प्रमुख रुप से प्रशिक्षित लोगों की आपूर्ति में वृद्धि की संभावना है ।” 

पर्यटन मंत्री ने कहा कि – केन्द्र सरकार अपनी ओर से सरकार प्रायोजित और अधिक आईएचएम और एफसीआई की स्थापना, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विद्यालयों आदि के तत्वाधान में प्रशिक्षण के दायरे के विस्तार, अल्प कालीन आतिथ्य पाठ्यक्रमों की शुरुआत, “हुनर से रोजगार” कार्यक्रम के ज़रिए मौजूदा और आकांक्षी सेवा प्रदाताओं के कौशल में उन्नयन, मौजूदा सेवा प्रदाताओं के कौशल परीक्षण और प्रमाणन के जरिए कुशल कामगरों के अंतर को कम करने के लिए सक्रियता से कोशिश कर रही है। सहाय ने कहा कि- “यह एक महत्वपूर्ण सुधार होगा पर यह काफी नहीं है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि इस उद्योग में लगभग 5 मिलियन लोग जुडे हुए हैं जिससे काफी राजस्व प्राप्त होता है, इसलिए विश्व स्तरीय आतिथ्य सेवा का निर्माण करने के लिए प्रयास और संसाधन उद्योग के भीतर से ही होना चाहिए।” 

केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयास हालांकि महत्‍वपूर्ण हैं लेकिन उसे आवश्‍यक रूप से सहयोगात्‍मक और उत्‍प्रेरक होना चाहिए। इसमें हमारे आईएचएम तथा एफसीआई को निजी क्षेत्र की तरह प्रोत्‍साहित और प्रेरित प्रयास के तहत स्‍वंय को उत्‍कृष्‍टता के स्‍तर तक ले जाना चाहिए । उन्‍होंने कहा ‘इसलिए मैं आह्वान करता हूं कि आदर्श संस्‍थान बनने के लिए संस्‍थान अपने स्‍तर को बढ़ाने के लिए तत्‍पर प्रयास करे जो कि अंतरराष्‍ट्रीय रूप से स्‍वीकार्य हो। मंत्रालय सदैव आपके लिए सहायक भूमिका में रहेगा। ’ 

अंतरराष्‍ट्रीय और घरेलू पर्यटन में प्रोत्‍साहित रूझानों को देखते हुए सुबोध कांत सहाय ने कहा कि देश की वृद्धि और रोज़गार सृजन में पर्यटन की एक मुख्‍य भूमिका है। उन्‍होंने कहा कि जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान का अनुमान 9 प्रतिशत से अधिक लगाया गया है। 

उन्‍होंने कहा कि प्रमुख पर्यटन गंतव्‍यों पर अवसंरचना और सेवा आपूर्ति के संदर्भ में मौजूद खामियों की पहचान के लिए मंत्रालय ने स्‍वतंत्र रूप से एक अध्‍ययन किया था। उन्‍होंने कहा कि स्‍मारकों/गंतव्‍यों में और उसके आस-पास स्‍वच्‍छता और सफाई की कमी , स्‍मारकों/गंतव्‍यो के आस-पास ठोस अपशिष्‍ट का खराब प्रबंधन तथा शौचालयों जैसी सार्वजनिक सुविधाओं में सफाई की कमी ऐसे मुख्‍य कारण हैं जो भारत को प्रमुख पर्यटन गंतव्‍यों के रूप में उभारने के हमारे प्रयासें में बाधा डाल रहे थे। सुबोध कांत ने कहा कि ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान ’ का उद्देश्‍य पर्यटन गंतव्‍यों तथा उसके आस-पास के क्षेत्र को साफ और स्‍वच्‍छ बनाना हे। उन्‍होंने कहा कि इसका उद्देश्‍य स्‍वमित्‍व तथा निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के हितधारकों को शामिल कर इसे बरकार रखना भी है। सहाय ने कहा कि ‘आईएचएम और एफसीआई द्वारा सभी अन्‍य शिक्षा संस्‍थानों के पालन के लिए स्‍मारकों में और उसके आस-पास स्‍वच्‍छता के मानक स्‍थापित करने में प्रमुख भूमिका निभाने की उम्‍मीद है।’ 

सुबोध कांत ने कहा कि भारत के व्‍यंजनों की अनेक किस्‍मों को संस्‍थागत प्रक्रिया के जरिए संरक्षित, बढ़ावा, अनुसंधान तथा पेटेंट कराने के लिए पर्यटन मंत्रालय देशभर में छह केंद्रों के साथ इंडियन क्‍यूनिलरी इंस्‍टिट्यूट की स्‍थापना के लिए प्रयास कर चुका है। राष्ट्रीय आतिथ्य शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार (2010-11) तीन श्रेणियों में दिया गया अर्थात छात्रों को पुरस्‍कार, शिक्षण फक्‍ल्‍टी को पुरस्‍कार तथा संस्‍थानों को पुरस्‍कार। 

पहली श्रेणी के पुरस्‍कार विजेताओं में वे छात्र थे जिन्‍होंने 2010-11 में उत्‍कृष्‍ट शैक्षिक प्रदर्शन किया है। कुल मिलाकर 23 छात्रों को यह पुरस्‍कार प्रदान किया गया। प्रत्‍येक विजेता को एक पदक, शैक्षिक उत्‍कृष्‍टता का प्रमाणपत्र तथा नकद इनाम दिया गया। शिक्षकों की श्रेणी में 10 पुरस्‍कार प्रदान किए गए। शिक्षकों को पूर्व-निर्धारित वस्‍तुनिठ मूल्‍यांकन मानक के आधार पर पुरस्‍कार के लिए चयन किया गया था। 

इस समारोह में पर्यटन राज्‍य मंत्री सुल्‍तान अहमद, पर्यटन मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी तथा पर्यटन और आतिथ्‍य उद्योग के गणमान्‍य व्‍यक्ति भी उपस्थित थे1 पुरस्‍कार जीतने वाले छात्रों, शिक्षकों तथा संस्‍थानों की सूची के लिए कृपया अंग्रेज़ी विज्ञप्ति देखें। 

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