गुरुवार, 29 मार्च 2012

बढ़ते हुए वैश्विक परिदृश्य में दूसरे देशों के साथ संबंधों को विस्तार देने के लिए राजकीय यात्राएं बेहद अहम


राष्ट्रपति  प्रतिभा देवीसिंह पाटील फोटो © पसूका (फाइल फोटो)
नयी दिल्ली (पसूका): मीडिया के कुछ वर्गों ने हाल के दिनों में भारत की राष्ट्रपति  प्रतिभा देवीसिंह पाटील की विदेशी यात्राओं पर हुए व्यय को रेखांकित किया गया है। इन रिपोर्टों में राष्ट्रपति की यात्राओं की तुलना पूर्व राष्ट्रपतियों की विदेश यात्राओं से भी की गई है।

गतिशील अर्थव्यवस्था, रणनीतिक महत्व, लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और प्राचीन सभ्यता की कडियों के संदर्भ में भारत के बढ़ते हुए वैश्विक परिदृश्य ने विश्व के देशों के साथ उसके संबंधों को और अधिक बढ़ाया है। इन संबंधों के मद्देनज़र भारत की राष्ट्रपति के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न देशों की यात्राएं करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए लैटिन अमेरिकी देशों में राष्ट्रपति की यात्रा ने इस क्षेत्र से जुड़े महत्व पर बल दिया, जिसमें लगभग पिछले एक दशक से किसी भी राष्ट्रपति ने यात्रा नहीं की थी। अऩ्य यात्राएं विशिष्ट कार्यक्रमों के तहत की गई। बहुत से देशों की यात्राएं इसलिए करनी पडी क्योंकि इंडोनेशिया, साइप्रस, लाओस, कंबोडिया, और मंगोलिया जैसे देश इसके लिए अनुरोध कर रहे थे। कुछ देशों जैसे सीरिया, तजाकिस्तान और स्पेन में किसी भी भारतीय राष्ट्रपति ने पहली बार यात्रा की।

विभिन्न राष्ट्रपतियों द्वारा की गई विदेशी यात्राओं और देशों की यात्राओं की संख्यां के संबंध में आंकड़े संभवतः गुमराह करने वाले हैं क्योंकि इस प्रकार की यात्राओं में किसी मानक पैटर्न का अनुसरण नहीं किया जाता। विदेशों से प्राप्त आमंत्रणों और इसके पश्चात उस यात्रा की आवश्यकता का निर्धारण करने और साथ ही विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय की संस्तुति के बाद इस प्रकार की यात्राएं की जाती हैं। विभिन्न राष्ट्रपतियों द्वारा की गई विदेशी यात्राओं की संख्या अलग-अलग है। उदाहरण के तौर पर डॉ. कलाम ने 17 देशों, श्री नारायणन ने 13 देशों, श्री वेंकटरमन ने 12 देशों और श्री वी.वी. गिरी ने अपने कार्यकाल के दौरान 22 देशों की यात्राएं की।

विदेशी यात्राओं के दौरान राष्ट्रपति के साथ मंत्रियों, सांसदों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सहायक और सुरक्षा कर्मचारी इस आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का भाग होते हैं । सभी राष्ट्रपति मीडिया दल के अलावा अपने पारिवारिक सदस्यों और राष्ट्रपति के मेहमानों के साथ यात्रा करते हैं। राष्ट्रपति पाटील की यात्रा के दौरान भी पूर्व की परिपाटी का ही पालन किया गया और इसलिए यह कहना कि राष्ट्रपति पाटील अधिकतर अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ यात्राओं पर गईं, यह तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना होगा।

इसलिए विभिन्न राष्ट्रपतियों द्वारा की गई विदेशी यात्राओं की तुलना करना संभवतः गुमराह करने वाला है। यह यात्राएं विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा ध्यानपूर्वक मूल्यांकन और संस्तुतियों के बाद की जाती हैं।

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