नयी दिल्ली (प सु का)---सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री डी नेपोलियन ने आज राज्य सभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि दीन दयाल विकलांग पुनर्वास योजना को 1999 से कार्यान्वित किया जा रहा है जिसका उद्देश्य मानसिक/शारीरिक विकलांग व्यक्तियों को शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास प्रदान करने हेतु परियोजनाएं शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके गैर-सरकारी संगठनों को प्रोत्साहित करके नि:शक्त व्यक्ति अधिनियम, 1995 का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि 1982 से क्रियान्वित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) के अंतर्गत 30 राज्यों/संघशासित प्रदेशों में कुल 123 जिलों को कवर किया गया है। एनएमएचपी में सरकारी अस्पतालों/मेडिकल कालेजों के मनोचिकित्सा विभागों का विकास, उनके आधुनिकीकरण, मानीटरिंग एवं मूल्यांकन, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण, सूचना, शिक्षा एवं संचार कार्यकलाप शामिल है। मानसिक स्वास्थ्य के उत्कृष्ट केन्द्रों और मानसिक स्वास्थ्य में स्नातकोत्तर प्रशिक्षण विभागों की स्थापना।
नेपोलियन ने सदन को जानकारी दी कि आत्महत्या निवारण सेवाएं, कार्यस्थल तनाव प्रबंधन, स्कूलों और कालेजों में जीवन कौशल प्रशिक्षण एवं काउंसिलिंग जैसे विभिन्न घटकों का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा संचालित तीन मानसिक स्वास्थ्य संस्थान हैं, और देशभर में विभिन्न मेडिकल कालेजों में 335 मनोचिकित्सा विभागों सहित 40 राज्य संचालित मानसिक अस्पताल हैं, जो मानसिक रोगियों का उपचार करने के लिए सुसज्जित हैं।
नेपोलियन ने सदन को जानकारी दी कि आत्महत्या निवारण सेवाएं, कार्यस्थल तनाव प्रबंधन, स्कूलों और कालेजों में जीवन कौशल प्रशिक्षण एवं काउंसिलिंग जैसे विभिन्न घटकों का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा संचालित तीन मानसिक स्वास्थ्य संस्थान हैं, और देशभर में विभिन्न मेडिकल कालेजों में 335 मनोचिकित्सा विभागों सहित 40 राज्य संचालित मानसिक अस्पताल हैं, जो मानसिक रोगियों का उपचार करने के लिए सुसज्जित हैं।
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